इस्माइलपुर अगवानपुर में टीबी स्क्रीनिंग कैंप, स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती
एक्स-रे मशीन और 2000 निक्षय पोषण किट वितरण से ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को गति
फरीदाबाद। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को गति देने के उद्देश्य से इस्माइलपुर अगवानपुर स्थित गुरुद्वारा परिसर में एक विशेष टीबी स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), नोएडा का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हैंडल एक्स-रे मशीन प्रदान की गई। इसके साथ ही 2000 निक्षय पोषण आहार किट भी उपलब्ध कराई गईं, जिनमें से कई किट मौके पर ही टीबी मरीजों और जरूरतमंद लाभार्थियों को वितरित की गईं।
तेज़ और सटीक जांच की दिशा में बड़ा कदम
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हरजिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल क्षेत्र में टीबी की पहचान और इलाज को और अधिक प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा कि एक्स-रे मशीन के उपलब्ध होने से अब संदिग्ध मरीजों की जांच तेज़, सरल और सटीक तरीके से की जा सकेगी, जिससे समय पर उपचार संभव हो पाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि टीबी एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जिसका समय रहते पता लगाना और इलाज करना बेहद आवश्यक है। ऐसे कैंप न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि मरीजों को शुरुआती स्तर पर ही पहचानने में भी मददगार साबित होते हैं।
पोषण किट से मरीजों को मिलेगा सहारा
डॉ. हरजिंदर सिंह ने आगे बताया कि निक्षय पोषण आहार किटों का वितरण टीबी मरीजों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। टीबी के उपचार के दौरान मरीजों को पौष्टिक आहार की अत्यधिक आवश्यकता होती है, और इन किटों के माध्यम से उन्हें आवश्यक पोषण मिलेगा। इससे उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और स्वस्थ होने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
जनहित में सराहनीय पहल
कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर सुभाष गहलोत ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की जनहितैषी पहलें समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को नई दिशा और गति मिलती है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ पहुंचता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ही टीबी जैसी बीमारियों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर वार्ड नंबर 27 से शीशराम अवाना, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हरजिंदर सिंह, डॉ. स्वरुण, BPCL से अखिल गुप्ता और संजय सचदेवा, परिषद से यामीन खान, प्रदीप यादव, साही राम, राम प्रसाद, राम पुकार ठाकुर सहित डीआर टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर सुभाष गहलोत, साधना, प्रमोद और शारदा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कैंप समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, ताकि आमजन को स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध हो सकें।
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