नगर परिषद पलवल में ऐतिहासिक बदलाव: डॉ. यशपाल के नेतृत्व में 127 वर्षों में पहली बार 346 कर्मचारियों की भर्तियां और संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, HKRNL के माध्यम से होगी नियुक्ति प्रक्रिया
पलवल:26-फरवरी
कमलकांत शर्मा सत्य हुंकार न्यूज का न्यूज़
नगर परिषद पलवल के 127 वर्ष के इतिहास में पहली बार संसाधनों और मानवबल के स्तर पर व्यापक संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है।
चेयरमैन डॉ. यशपाल के नेतृत्व में परिषद ने प्रशासनिक सुधार, आधुनिक मशीनरी विस्तार और मानव संसाधन सशक्तीकरण को एक साथ आगे बढ़ाते हुए 346 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के माध्यम से प्रस्तावित इस भर्ती प्रक्रिया में 08 ट्रैक्टर ड्राइवर, 02 जेसीबी ड्राइवर, 02 ट्रक माउंटेड एंटी-स्मॉग गन ड्राइवर, 02 सहायक सफाई निरीक्षक तथा 332 सफाई कर्मचारी शामिल हैं। इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए फाइल स्वीकृति हेतु माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के समक्ष प्रस्तुत की गई है। यह पहल नगर परिषद की जमीनी कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।


उल्लेखनीय है कि हाल ही में नगर परिषद पलवल द्वारा 10 ट्रैक्टर ट्रॉलियां, 02 बैकहो लोडर तथा 02 अत्याधुनिक एंटी-स्मॉग गन मशीनों की व्यवस्था की गई है। 127 वर्षों में पहली बार स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, निर्माण मलबा निष्पादन और वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस स्तर पर संसाधनों का विस्तार किया गया है। अब इन संसाधनों के प्रभावी संचालन और नियमित उपयोग के लिए पर्याप्त मानवबल उपलब्ध कराना अनिवार्य था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
डॉ. यशपाल ने कहा कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली को परिणाम आधारित और उत्तरदायी बनाना उनकी प्राथमिकता है। लंबे समय से स्टाफ की कमी के कारण कई व्यवस्थाएं अपेक्षित गति से संचालित नहीं हो पा रही थीं। नई भर्ती प्रक्रिया से वार्ड स्तर पर नियमित सफाई व्यवस्था, मशीनरी का बेहतर उपयोग, निगरानी तंत्र की मजबूती और समयबद्ध सेवा वितरण सुनिश्चित होगा।
इस ऐतिहासिक कदम के लिए माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भारत सरकार के माननीय केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर तथा हरियाणा सरकार के राज्यमंत्री गौरव गौतम का मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के समन्वित समर्थन से ही स्थानीय निकायों को संस्थागत रूप से सशक्त बनाया जा सकता है, जिससे विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होता है और नागरिकों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं।