टोल रेट बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, दीपेंद्र हुड्डा करेंगे नेतृत्व : नितिन सिंगला
फरीदाबाद, 1 अप्रैल। देश में टोल रेट बढ़ाए जाने के विरोध में कांग्रेस अब खुलकर मैदान में उतरने जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नितिन लखन सिंगला ने घोषणा की कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ेगी।
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित अपने कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में सिंगला ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र में नितिन गडकरी द्वारा टोल रेट बढ़ाने का फैसला आम जनता की जेब पर सीधा वार है।
प्रेसवार्ता में उनके साथ प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़, आरटीआई एक्टिविस्ट महावीर बिश्नोई, सुंदर माहौर, वीरेंद्र वशिष्ठ, गुलशन कुमार, बंटी चौधरी, भूषण कुमार और हरिलाल गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

“महंगाई से परेशान जनता पर और बोझ”
नितिन सिंगला ने कहा कि देश पहले ही महंगाई, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। ऐसे में टोल रेट बढ़ाना जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम लोगों की जेब खाली करने में लगी हुई है।
बदरपुर टोल और गदपुरी टोल पर बढ़ोतरी का विरोध
उन्होंने बताया कि बदरपुर बॉर्डर टोल को 30 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये कर दिया गया है। फास्टैग न होने पर यूपीआई से 42.50 रुपये और नकद भुगतान पर 70 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। वहीं गदपुरी टोल भी 120 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये कर दिया गया है।
“60 किलोमीटर नियम का उल्लंघन”
सिंगला ने कहा कि नियमों के अनुसार 60 किलोमीटर के दायरे में दूसरा टोल प्लाजा नहीं होना चाहिए, लेकिन फरीदाबाद में बदरपुर, गदपुरी और गुरुग्राम रोड टोल 30 किलोमीटर के अंदर ही स्थित हैं, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
पुरानी सरकारों का जिक्र
उन्होंने बताया कि बदरपुर पुल का शिलान्यास वर्ष 2010 में शीला दीक्षित और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोग से किया गया था।
कांग्रेस की चेतावनी – आंदोलन होगा तेज
सिंगला ने स्पष्ट किया कि जिन टोल प्लाजा का समय पूरा हो चुका है, उन्हें हटाने और बढ़े हुए टोल रेट वापस लेने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा में टोल प्लाजा “कमाई का साधन” बन गए हैं और आने वाले समय में और अधिक टोल थोपे जा सकते हैं।
“अब सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले केंद्र सरकार को ज्ञापन देगी और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
